हाईकोर्ट के नए भवन में 12 जून से सुनवाई, पहले ही दिन बैठेगी संविधान पीठ
झारखंड हाईकोर्ट के नए भवन में 12 जून से सुनवाई शुरू होगी। इस कोर्ट में पहले ही दिन हाईकोर्ट की संविधान पीठ बैठेगी। संविधान पीठ में चीफ जस्टिस समेत पांच जज बैठेंगे। संविधान पीठ में झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (जेट) के आदेश के खिलाफ अपील के मामले में सुनवाई करेगी।
पीठ यह तय करेगी कि जेट के आदेश के खिलाफ अपील हाईकोर्ट की एकलपीठ में होगी या खंडपीठ में। इसे तय करने के लिए चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा, जस्टिस रत्नाकर भेंगरा, जस्टिस अनुभा रावत चौधरी, जस्टिस दीपक रौशन और जस्टिस नवनीत कुमार की संविधान पीठ सुनवाई करेगी। 12 जून को 215 बजे से संविधान पीठ सुनवाई करेगी।
दो कोर्ट के अलग-अलग फैसले
झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में एकल पीठ में कई अपील की गई थी। इसके बाद एक पीठ ने अपने आदेश में कहा कि जेट के आदेश के खिलाफ खंडपीठ में अपील की जाएगी, जबकि एक दूसरे मामले में दूसरे बेंच ने कहा कि एकलपीठ में ही अपील की सुनवाई होगी। दो अलग-अलग आदेश आने के बाद इस मामले को चीफ जस्टिस के पास भेजा गया था। चीफ जस्टिस ने संविधान पीठ में मामले को स्थानांतरित करते हुए सुनवाई के लिए पांच जजों के बेंच का गठन किया, जिसमें मामले की सुनवाई जारी है।
अब तक की सुनवाई में प्रार्थियों की ओर से कहा गया है कि झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण के एक्ट के प्रावधान से स्पष्ट है कि जेट के आदेश के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट की एकल पीठ में सुनवाई होगी। एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी जा सकती है। 12 जून को दूसरे पक्ष की ओर से अपनी दलील पेश की जाएगी।
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पहले दिन जनहित याचिकाएं भी सूचीबद्ध
नए हाईकोर्ट भवन में 12 जून को जनहित याचिकाएं भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। इनमें जेल में सुधार और क्षमता से अधिक कैदियों के रखे जाने का मामला शामिल है। साथ ही कुछ सजायाफ्ता कैदियों की ओर से जेल से रिहाई के लिए दिए गए आवेदन पर भी सुनवाई होगी। जनहित याचिकाओं की सुनवाई चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा और जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ करेगी।
संविधान पीठ ने दिए हैं कई महत्वपूर्ण फैसले
झारखंड हाईकोर्ट में संविधान पीठ महत्वपूर्ण मामलों और ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए गठित होती है, जिसमें दो कोर्ट के अलग-अलग आदेश आते हैं। झारखंड हाईकोर्ट में संविधान पीठ ने वर्ष 2003 में सरकार की स्थानीय नीति को खारिज किया था, जिसमें 1932 के खतियान को स्थानीय होने के लिए अनिवार्य किया गया था। इसके अलावा पिछड़ों को आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाए जाने और 50 फीसदी से अधिक आरक्षण होने के मामले की सुनवाई भी हाईकोर्ट की संविधान पीठ ने की थी और सरकार के निर्णय को गलत बताते हुए खारिज कर दिया था। नौकरी से बर्खास्त किए जाने पर लीव इनकैशमेंट का लाभ और इस राशि पर ब्याज दिया जा सकता है या नहीं, इसे तय करने का मामला भी झारखंड हाईकोर्ट की संविधान पीठ में लंबित है।
अब रांची से भागकर दूसरे राज्य नहीं जा पाएंगे बदमाश, पुलिस ने बनाया फुलप्रूफ प्लान
रांची में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर दूसरे राज्य भागने वाले अपराधियों पर अब पुलिस नकेल कसेगी। ऐसे अपराधियों को पुलिस उन राज्यों में जाकर न सिर्फ उनके घरों में इश्तेहार चिपकाएगी, बल्कि उन्हें दबोच कर रांची भी लाएगी। इसके लिए रांची पुलिस ने स्पेशल-29 का गठन किया है। स्पेशल टीम को राज्य के हिसाब से छह जोन में बांटा गया है। इसमें कुल 29 एसआई रैंक के अफसरों को शामिल किया गया है।
इस टीम को थानों में जितने भी लंबित वैसे मामले जो दूसरे राज्यों से जुड़े हुए हैं, उसका निष्पादन करने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। टीम में शामिल पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि आईटी एक्ट, हत्या, लूट, ठगी से जुड़े मामलों का ही निष्पादन करेंगे। उसकी संचिका संबंधित थानों से लेंगे। एसएसपी ने टीम के सदस्यों को सख्त निर्देश दिया है कि लंबित मामलों को हर हाल में निर्धारित समय में निष्पादित करें। ऐसा नहीं करने पर संबंधित टीम के सदस्यों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
जोन वन
इस जोन में उत्तर प्रदेश को रखा गया है। यूपी के 20 जिलों में जाकर केस का अनुसंधान करने के लिए एसआई अंकु कुमार, सोनल आशीष, राजीव रंजन, उदित प्रकाश, धनंजय कुमार, पीयूष नाग, ऐनुल हक, प्रयाग दास को जिम्मेवारी सौंपी गई है।
जोन दो
इसमें बिहार के 30 जिलों को शामिल किया गया है। सभी जिलों के लिए सात ग्रुप बनाए गए हैं। एसआई विजय पांडेय, अनिल कुमार सिंह, संजय कुमार, मनोज कुमार, तजीलूल गन्नान, नारायण यादव, सुनील कुमार, देवेंद्र उरांव, मनीष पूर्ति और जय प्रकाश गुप्ता को जिम्मेवारी दी गई है कि वे जिलों में जाकर कांड से जुड़े मामले की तहकीकात करें और उसे निष्पादित करें।
जोन तीन
इस जोन में पश्चिम बंगाल को रखा गया है। इस जोन में बंगाल के 19 जिलों को शामिल किया गया। प्रत्येक जिले में एक और दो अफसरों को केस के अनुसंधान की जिम्मेवारी सौंपी गई है। कांडों का अनुसंधान करने के लिए एसआई छत्रधारी कुमार, मो इमरान, प्रकाश कुमार सिंह, सुबीर किस्कू, रंजीत कुमार सिंह, अंजन कुमार, मो जुल्फीकार और सुनील मंडल को अलग-अलग जिला बांटा गया है।
जोन चार
इस जोन में तेलंगाना को रखा गया है। तेलंगाना के इसानपुर और सिकंदराबाद के कांडों के अनुसंधान की जिम्मेवारी एसआई हसनैन अंसारी को सौंपी गई है।
जोन पांच
इस जोन में उतराखंड को रखा गया है। उत्तराखंड के उद्यमसिंह नगर और हरिद्वार से जुड़े मामले का अनुसंधान करने की जिम्मेवारी आशीष केसरी को सौंपी गई है।
जोन छह
इस जोन में गुजरात को शामिल किया गया है। गुजरात के हलौल, वलसाड़ और सूरज से जुड़े मामलों के अनुसंधान की जिम्मेवारी एसआई चंदन शुभम शर्मा को दी गई है।
6 घंटे में रांची से पटना पहुंचाएगी वंदे भारत, रूट से लेकर स्पीड तक जानें सबकुछ
रांची से पटना के बीच प्रस्तावित वंदे भारत एक्सप्रेस के परिचालन का इंतजार अब खत्म होने वाला है। इस ट्रेन का 12 जून को ट्रायल रन होगा। इस दौरान अगर कोई तकनीकी समस्या नहीं हुई तो जल्द नियमित परिचालन शुरू हो जाएगा। ट्रायल सफल होने पर इसका भव्य उद्घाटन समारोह होगा। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाकर इसका उद्घाटन करेंगे। ट्रेन का उद्घाटन राजेंद्र नगर पटना में होगा क्योंकि ट्रेन के मेटनेंस की जिम्मेवारी भी इस्ट सेंट्रल रेलवे को दी गई हैं।
वंदे भारत के ट्रायल के लिए जो टाइम टेबल जारी किया गया है, उसके अनुसार पटना से यह ट्रेन सुबह 06.55 बजे खुलेगी। यहां से यह ट्रेन 11.30 बजे बरकाकाना पहुंचेगी और 11.35 पर रवाना होगी। रांची में यह दोपहर 1.00 बजे पहुंचेगी। रांची से यह ट्रेन पुन दोपहर 2.20 बजे पटना के लिए खुलेगी। यहां से यह दोपहर बाद 3.30 बजे बरकाकाना पहुंचेगी और दोपहर 3.35 बजे खुलेगी। यहां से यह ट्रेन रात 8.25 बजे पटना पहुंचेगी।
इस रूट से चलेगी ट्रेन
यह ट्रेन हजारीबाग-बरकाकाना, सिंधवार-सांकी-टाटीसिलवे और रांची के बीच नवनिर्मित नई रेललाइन में चलेगी। पटना से रांची की दूरी इस ट्रेन में महज छह से साढ़े छह घंटे में पूरी होगी। इसमें आठ एसी चेयरकार की सुविधा होगी। इसके अलावा प्रत्येक कोच चार आपातकालीन पुश बटन के साथ जीपीएस आधारित सूचना प्रणाली से युक्त होगा। यह ट्रेन करीब 160 किलोमीटर प्रतिघंटा के हिसाब से चलेगी।
रांची रेलमंडल के सीनियर डीसीएम निशांत कुमार ने कहा, ’12 जून से पटना-रांची वंदेभारत एक्सप्रेस का स्पीड ट्रायल होने की सूचना हमलोगों को मिल चुकी है। हमलोगों की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है।’
झारखंड बंद को देखते हुए एक दिन आगे बढ़ा ट्रायल
इस ट्रेन का स्पीड ट्रायल पहले 11 जून होना था, लेकिन 11 जून को झारखंड बंद को देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे के वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक ए. तिवारी ने इसे सुरक्षा की दृष्टिकोण से एक दिन आगे बढ़ाने का सुझाव दिया था। इसके बाद देर रात इसकी तिथि में बदलाव किया गया।